क्या मल्लिकार्जुन खड़गे 2024 में यूपी से चुनाव लड़ेंगे? कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

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क्या मल्लिकार्जुन खड़गे 2024 में यूपी से चुनाव लड़ेंगे? कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

लोकसभा चुनाव हारने के बाद से कांग्रेस पार्टी बेहद बुरे हालात से गुजरी है हालांकि पार्टी की कमान मल्लिकार्जुन खड़गे के हाथों में आने के बाद कांग्रेस पार्टी उत्तर भारत का हिमाचल प्रदेश और दक्षिण भारत का कर्नाटक राज्य जीत चुकी है इसका पूरा श्रेय मलिकार्जुन खड़गे और उनके काम करने के तरीके को दिया जा रहा है अब जानकार बता रहे हैं कि पार्टी खड़गे जी को दो हज़ार चौबिस के रण में उतारने का प्लान बना रही है 


कहा जाता है कि दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है यानी केंद्र की सत्ता उत्तरप्रदेश पर निर्भर रहती है 


उत्तरप्रदेश में बीते दो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा और बीजेपी यहां से बाजी मारने में 

कामयाब रही दिल्ली की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी यूपी में अपना खोया हुआ 

जनाधार वापस लाए या कांग्रेस पार्टी का आलाकमान बखूबी जानता है और इसी वजह से पार्टी के कई दिग्गजों 

को 2024 का चुनाव यूपी से लड़ाने पर रणनीति बनाई जा रही है अब राजनीतिक जानकार बता रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे यूपी की किसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं दरअसल कांग्रेस पार्टी की नजर दलित वोट बैंक पर है और इसी वजह से पार्टी का चिंतन खडगे अगर यूपी से चुनावी रण में उतारने का प्लान बना रहा है कांग्रेस दलित वोटरों को लुभाने के चक्कर में है क्योंकि 2022 के बाद से यूपी में बीजेपी को दलितों का वोट नहीं मिल रहा है और 2022 के बाद से बीजेपी को सूबे में तीन उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा पहले खतौली विधानसभा फिर मैनपुरी लोकसभा और अब घोसी विधानसभा में बीजेपी इसलिए चुनाव हारी क्योंकि मायावती मैदान में नहीं थी और दलितों का वोट बीजेपी को नहीं मिल पाया घोसी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने प्रचार के लिए बड़े बड़े दिग्गजों को उतारा मायावती ने चुनाव से दूरी बनाते हुए अपने कार्यकर्ताओं को न्यूट्रल रहने के लिए कहा था घोसी उपचुनाव में सपा को सत्तावन दशमलव दो फीसदी जबकि बीजेपी को सैंतीस दशमलव पांच फीसदी वोट मिले आपको बता दें कि इसी घोसी विधानसभा में 2022 में चुनाव हुए थे तो सपा को बयालीस प्वाइंट दो बीजेपी को तैंतीस दशमलव पांच और बीएसपी को इकतीस दशमलव बारह फीसदी वोट मिले थे 

घोसी विधानसभा सीट पर करीब उन्नीस फीसदी दलित वोटर हैं और अब कांग्रेस पार्टी का मानना है कि यूपी में दलितों की नेता कहलाने वाली बीएसपी चीफ मायावती का जादू खत्म हो रहा है ऐसे में दलितों की पहली पसंद कांग्रेस हो सकती है 

इसी वजह से मलिकार्जुन खड़गे को यूपी के इटावा या फिर बाराबंकी से चुनाव लड़ाने की प्लानिंग की जा रही है क्योंकि सपा और कांग्रेस दोनों ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा है ऐसे में अगर खड़गे इटावा से मैदान में उतरते हैं तो आसपास के जिलों में समाजवादी पार्टी के लिए फायदेमंद होगा कांग्रेस पदाधिकारियों का दावा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे को यूपी से चुनाव लड़ाने का प्लान दलित वोटरों को टारगेट करने के लिए बनाया जा रहा है और अगर मायावती इंडिया गठबंधन में शामिल होती भी है तो कांग्रेस अपना फैसला नहीं बदलेगी आपको बता दें कि घोसी उपचुनाव में बसपा ने अपने समर्थकों से घर बैठने या नोटा का बटन दबाने की अपील की थी इसके बाद भी सिर्फ सत्रह सौ मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था

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